देहरादून में बढ़ते क्राइम ग्राफ की गाज एसएसपी अजय सिंह पर गिर गई है। अजय सिंह को हटाते हुए प्रमेंद्र डोभाल को दून के पुलिस कप्तान का जिम्मा सौंपा गया है।
पुलिस विभाग में आज प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक तबादले किए गए हैं। 20 आईपीएस को इधर से उधर कर दिया गया है, इनमें देहरादून समेत आठ जिलों के कप्तान भी शामिल हैं।
अजय सिंह की जगह अब हरिद्वार के एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल देहरादून एसएसपी की जिम्मेदारी संभालेंगे। अजय सिंह को एसएसपी एसटीएफ बनाया गया। वहीं, एसटीएफ के एसएसपी नवनीत सिंह को हरिद्वार का एसएसपी बनाया गया है।
सचिव गृह शैलेश बगोली की ओर से जारी आदेश के मुताबिक ऊधमसिंह नगर के एसएसपी मणिकांत मिश्रा को एसपी अभिसूचना बनाया है, उनकी जगह अजय गणपति कुम्भार को ऊधमसिंह नगर भेजा है। वह वर्तमान में चंपावत के एसपी थे, उनकी जगह पिथौरागढ़ की एसपी रेखा यादव को चंपावत भेजा है।
रुद्रप्रयाग के एसपी अक्षय प्रहलाद कोण्डे को एसपी पिथौरागढ़ बनाया है, निहारिका तोमर को उनकी जगह जिम्मेदारी मिली है। एसपी अपराध एवं यातायात हरिद्वार जितेंद्र कुमार मेहरा को एसपी बागेश्वर की जिम्मेदारी सौंपी है। एसपी बागेश्वर चंद्रशेखर आर घोड़के को एसएसपी अल्मोड़ा बनाया गया है। एसएसपी अल्मोड़ा देवेंद्र पींचा को 31वीं वाहिनी पीएसी में सेनानायक पद पर तैनात किया गया है।
वहीं पुलिस उप महानिरीक्षक एसडीआरएफ निवेदिता कुकरेती को एसडीआरएफ में आईजी बनाया है। एसएसपी विजिलेंस प्रह्लाद नारायण मीणा को डीआईजी विजिलेंस बनाया है। 31वीं वाहिनी पीएसी में सेनानायक यशवंत सिंह को पीटीसी नरेंद्रनगर में प्रधानाचार्य बनाया है। एसपी अभिसूचना प्रदीप कुमार राय को एसपी सीबीसीआईडी बनाया है। एसपी हरिद्वार जितेंद्र चौधरी को एसपी अपराध एवं यातायात यूएस नगर, एसपी हरिद्वार निशा यादव को एसपी अपराध एवं यातायात हरिद्वार, एएसपी सीआईडी मनोज ठाकुर को एएसपी कोटद्वार और एएसपी चंद्रमोहन सिंह को एसपी क्षेत्रीय अभिसूचना के पद पर तैनात किया गया है।
यह कदम पुलिस व्यवस्था को और अधिक सक्रिय, जवाबदेह और प्रभावी बनाने की दिशा में उठाया गया है।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से मुखबिर तंत्र को मजबूत करने, अपराधियों में कानून का भय स्थापित करने और आम नागरिकों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाने पर जोर दिया है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि आमजन बिना किसी भय के पुलिस के पास अपनी शिकायत लेकर जाएं और उन्हें त्वरित न्याय मिले।
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था की स्थिति और अधिक मजबूत हो तथा अपराधियों के लिए कोई स्थान न बचे।
मुख्यमंत्री ने पहले भी कानून-व्यवस्था की लगातार समीक्षा बैठकों के माध्यम से अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे और स्पष्ट किया था कि अपराध के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति पर सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अपराध की रोकथाम के लिए केवल घटनाओं के बाद कार्रवाई ही नहीं, बल्कि पूर्व-निवारक रणनीति भी मजबूत की जाए।

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