पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय के जाजरदेवल स्थित खूनी गांव का नाम अब बदलकर देवी ग्राम कर दिया गया है। लंबे समय से ग्रामवासी इस बदलाव की मांग कर रहे थे, जो आखिरकार उत्तराखंड सरकार द्वारा अधिसूचना जारी करने के बाद पूरी हो गई। नाम परिवर्तन की इस सफलता पर पूरे गाँव में हर्ष का माहौल है। गांव की नवनियुक्त ग्राम प्रधान इंद्रा जोशी ने समस्त ग्रामवासियों की तरफ से गांव का नाम बदलने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के साथ-साथ शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त किया है ।
इस गांव का नाम खूनी गांव पड़ने के पीछे कई कहानियां प्रचलित हैं। गांव के बुजुर्ग जगदीश जोशी बताते हैं कि आजादी की लड़ाई के दौरान गांव वालों का अंग्रेजों के साथ संघर्ष हुआ था। इस संघर्ष में काफी खून खराबा हुआ और कई अंग्रेज सैनिक मारे गए। तब से अंग्रेजों द्वारा इस गांव को खूनी गांव के नाम से पुकारा जाने लगा। उन्होंने बताया कि गांव के ललित मोहन जोशी के निरंतर प्रयासों से इस कार्य में सफलता मिली है।
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वहीं, गांव के युवा मोहित जोशी ने बताया कि कई जगह गांव का नाम लेने में उन्हें शर्मिंदगी भी महसूस होती थी, लेकिन गांव की आराध्य देवी के नाम पर यहां का नाम रखने से उन्हें अब गर्व महसूस हो रहा है।
केंद्रीय परिवहन राज्य मंत्री अजय टम्टा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा भेजा गया नाम परिवर्तन की फाइल केंद्र के 6 मंत्रालयों तक गई और वहां से पास होकर अंत में नोटिफिकेशन जारी हुआ। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय लोगों की जन भावनाओं को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा इस पर पहल की गई।
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पिथौरागढ़ का खूनी गांव बना देवी ग्राम, शासन ने जारी की अधिसूचना
