मनरेगा को लेकर सड़क पर उतरेगी कांग्रेस, 10 जनवरी से प्रदेशभर में कार्यक्रम तय

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कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा आज देहरादून पहुंचीं जहां उन्होंने कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर आगे की रणनीति बनाई।

 कुमारी शैलजा ने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार मनरेगा की आत्मा को खत्म करना चाहती है। यहाँ सिर्फ़ नाम बदलने का मुद्दा नहीं है यहाँ बात अधिकारो को ख़त्म करने की है मनरेगा एक मांग-आधारित रोजगार का कानूनी अधिकार था, जिसमें सरकार काम देने के लिए बाध्य थी। नया कानून इसे एक आपूर्ति-आधारित योजना बनाता है, जहाँ काम की उपलब्धता केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित बजट और मापदंडों पर निर्भर करेगी, यह मापदंड प्रधानों के अधिकारों को ख़त्म कर देगा। यह बदलाव राज्यों पर भारी वित्तीय बोझ डालेगा, जिससे वे काम उपलब्ध कराने से हतोत्साहित होंगे।उन्होंने बताया की पूरे देश में इन बदलावों को लेकर विरोध किया जाएगा जिसमे हर प्रदेश में ये एक योजना बद्ध तरीके से आयोजित होगा जिसमे एक ड्राफ्ट तैयार होगा  जिसमे इसकी कमियां उजागर होगी जो लोकल भाषा में भी ट्रांसलेट होगा और उसे लोगों तक पहुंचाया जाएगा। 

ऐसे विरोध जताएगी कांग्रेस

कुमारी शैलजा ने बताया कि जनवरी से फरवरी के बीच प्रदेश के सभी जिलों में चरणबद्ध तरीके से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसकी शुरुआत 10 जनवरी की हर जिले में प्रेस वार्ता से की जाएगी। 11 जनवरी को जिला स्तर पर एक दिन का अनशन किया जाएगा। इसके बाद 29 जनवरी तक पंचायत स्तर पर चौपालों का आयोजन कर मनरेगा से जुड़े मुद्दों और जनहित पर पड़ने वाले असर को जनता के सामने रखा जाएगा। इसके साथ ही 30 जनवरी को वार्ड स्तर पर धरना दिया जाएगा, जबकि 31 जनवरी से 6 फरवरी तक पूरे प्रदेश में मनरेगा बचाओ धरना आयोजित किया जाएगा। कुमारी शैलजा ने बताया कि 7 फरवरी से 15 फरवरी के बीच विधानसभा घेराव किया जाएगा हालांकि अभी इसकी तारीख तय नहीं की गई है।

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